Friday, January 11, 2019

CBI

नोएडा के एक फाइवस्टार हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने पेशेंट को तुरंत बायपास सर्जरी करवाने की सलाह दी......
पेशेंट बहुत नर्वस हो गया किंतु तुरंत तैयारी में लग गया.....

ऐसे वक्त थोडा संयम रखकर सैकेंड ओपीनियन लेना ज्यादा ठीक होता.....

ऑपरेशन के पहले वाले सारे टेस्ट हो जाने के बाद डॉक्टर की टीम ने बजट बताया....18 लाख.......
जो कि पेशेंट और परिवार वालों को बहुत ही ज्यादा लगा...
.
लेकिन....
"जान है तो जहान है"....
यह सोचकर वह फॉर्म भरने लगा...
फार्म भरते भरते व्यवसाय का कॉलम आया...
आपरेशन की टेंशन....और रूपये के इंतजाम की उधेड़बुन में....
ना जाने क्या सोचते सोचते या पता नहीं किस जल्दबाजी में.....
उसने उस काॅलम के आगे "C.B.I." लिख दिया....
.
और फिर.....
अचानक हॉस्पिटल का वातावरण ही बदल गया...
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डॉक्टरों की दुसरी टीम चेकअप करने आयी....
रीचेकिंग हुई....
टेस्ट दोबारा करवाए गए....
और.....
टीम ने घोषित किया कि ऑपरेशन की जरूरत नहीं है......मेडिसिन खाते रहिये ब्लाकेज निकल जायेगा....
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पेशेंट को रवाना करने से पहले तीन महीने की दवाइयाँ फ्री दी गई और चैकअप और टेस्ट फीस में भी जबरदस्त 'डिस्काउँट' दिया गया....
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इस बात को छः महीने हो गये....
पेशेन्ट अब भला चंगा है....
कभी कभी उस हाॅस्पीटल में चैकअप के लिये चला जाता है....
उस दिन के बाद उसका चैकअप भी फ्री होता है....और बिना चाय पिलाये तो डाॅक्टर आने ही नहीं देते...

पेशेंट बहुत खुश है हाॅस्पीटल के इस व्यवहार से ...
गाहे बगाहे लोगो के आगे इस अस्पताल की तारीफ करता रहता है....
पर कई बार ये सोच कर बहुत हैरान होता है कि...15 साल हो गये उसे नौकरी करते....
पर....

"Central Bank of India" का एम्प्लॉई होने की वजह इतनी इज्जत.....इतना सम्मान तो उसके परिवार वालों ने कभी नहीं दिया....जैसे वो अस्पताल वाले उसे सर पर बैठाए रखते हैं....
🤔🤔

Saturday, August 11, 2018

गृहस्थी चलाना खेल नही

*बीबी सम्भालने को कलेजा चाहिये*

कवि - श्री शैल चतुर्वेदी।
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एक दिन बात की बात में
बात बढ़ गई,

हमारी घरवाली
हमसे ही अड़ गई।

हमने कुछ नहीं कहा,
चुपचाप सहा,

कहने लगी- "आदमी हो
तो आदमी की तरह रहो।
आँखे दिखाते हो
कोइ एहसान नहीं करते।
जो कमाकर खिलाते हो,
सभी खिलाते हैं।
तुमने आदमी नहीं देखे ?
झूले में झूलाते हैं।

देखते कहीं हो
और चलते कहीं हो,

कई बार कहा
इधर-उधर मत ताको,

बुढ़ापे की खिड़की से
जवानी को मत झाँको,

कोई मुझ जैसी मिल गई
तो सब भूल जाओगे,

वैसे ही फूले हो
और फूल जाओगे।

चन्दन लगाने की उम्र में
पाउडर लगाते हो,

भगवान जाने
ये कद्दू सा चेहरा,
किस-किस को दिखाते हो।

कोई पूछता है तो कहते हो-
"तीस का हूँ!"

उस दिन एक लड़की से कह रहे थे-
"तुम सोलह की हो
तो मैं बीस का हूँ।"

वो तो लड़की अन्धी थी,
आँख वाली रहती
तो छाती का बाल नोच कर कहती,
ऊपर ख़िज़ाब और नीचे सफेदी,
वाह रे, बीस के शैल चतुर्वेदी!

हमारे डैडी भी शादी-शुदा थे,
मगर क्या मज़ाल
कभी हमारी मम्मी से भी
आँख मिलाई हो,
मम्मी हज़ार कह लेती थीं
कभी ज़ुबान हिलाई हो?

कमाकर पांच सौ लाते हो
और अकड़
दो हज़ार की दिखाते हो,

हमारे डैडी दो-दो हज़ार
एक बैठक में हार जाते थे,
मगर दूसरे ही दिन चार हज़ार
न जाने, कहाँ से मार लाते थे,

माना कि मैं माँ हूँ,
तुम भी तो बाप हो,

बच्चो के ज़िम्मेदार
तुम भी हाफ़ हो,

अरे, आठ-आठ हो गए
तो मेरी क्या ग़लती,

गृहस्थी की गाड़ी
एक पहिये से नहीं चलती!

बच्चा रोए तो मैं मनाऊँ,
भूख लगे तो मैं खिलाऊँ,
और तो और
दूध भी मैं पिलाऊँ!

माना कि तुम नहीं पिला सकते,
मगर खिला तो सकते हो,
अरे बोतल से ही सही
दूध तो पिला सकते हो,
मगर यहाँ तो खुद ही
मुँह से बोतल लगाए फिरते हो,
अंग्रेज़ी शराब का बूता नहीं
देशी चढ़ाए फिरते हो।

हमारे डैडी की बात और थी,
बड़े-बड़े क्लबो में जाते थे
पीते थे, तो माल भी खाते थे,

तुम भी चने फांकते हो,
न जाने कौन-सी पीते हो
रात भर खांसते हो,

मेरे पैर का घाव
धोने क्या बैठे,
नाखून तोड़ दिया!।

अभी तक दर्द होता है
तुम सा भी कोई मर्द होता है?

जब भी बाहर जाते हो,
कोई ना कोई चीज़ भूल आते हो,

न जाने कितने पैन, टॉर्च
और चश्मे गुमा चुके हो!

अब वो ज़माना नहीं रहा,
जो चार आने के साग में
कुनबा खा ले,

दो रुपये का साग तो
अकेले तुम खा जाते हो,
उस वक्त क्या टोकूं
जब थके -माँदे दफ़्तर से आते हो,

कोई तीर नहीं मारते
जो दफ़्तर जाते हो,
रोज़ एक न एक बटन तोड़ लाते हो,

मैं बटन टाँकते-टाँकते
काज़ हुई जा रही हूँ,

मैं ही जानती हूँ
कि कैसे निभा रही हूँ!

कहती हूँ, पैंट ढीले बनवाओ,
तंग पतलून सूट नहीं करतीं,
किसी से भी पूछ लो
झूठ नहीं कहती,

इलास्टिक डलवाते हो
अरे, बेल्ट क्यूँ नहीं लगाते हो,
फिर पैंट का झंझट ही क्यों पालो,
धोती पहनो ना।

मैं कहती हूँ तो बुरा लगता है,
बूढ़े हो चले
मगर संसार हरा लगता है,
अब तो अक्ल से काम लो,
राम का नाम लो,

शर्म नहीं आती
रात-रात भर
बाहर झक मारते हो,

*बीबी सम्भालने को कलेजा चाहिये*
*गृहस्थी चलाना खेल नहीं,*
*भेजा चहिये।*

Wednesday, July 25, 2018

Tongue exercise

बचपन में शर्त लगाकर बुलवाए जाने वाले कुछ वाक्य... 😄😄

1. कच्चा पापड़, पक्का पापड़...
सबसे ज़्यादा फेमस और हमारे दिल के सबसे क़रीब. एक बार में 15 बार --- बोल के दिखाओ तो जानें.


2. फालसे का फासला...
-- चैलेंज है कि 20 बार बिना रुके बोल कर दिखाओ.


3. पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला...
-- मुस्कुरा का रहे हो, 12 बार इसे बोल कर दिखाओ.


4. पके पेड़ पर पका पपीता पका पेड़ या पका पपीता...
-- मेरी जीभ तो लगभग फ्रैक्चर होते-होते बची है.


5. ऊंट ऊंचा, ऊंट की पीठ ऊंची. ऊंची पूंछ ऊंट की...
-- क्या हुआ?

6. समझ समझ के समझ को समझो, समझ समझना भी एक समझ है, समझ समझ के जो न समझे, मेरे समझ में वो ना समझ है...
-- इसे एक बार ही बोल के दिखाएँ


7. दूबे दुबई में डूब गया...
-- अच्छा ठीक है.ज़्यादा ख़ुश मत हों. ये आपकी फूलती सांसों को आराम देने के लिए था.


8. चंदु के चाचा ने चंदु की चाची को, चांदनी चौक में, चांदनी रात में, चांदी के चम्मच से चटपटी चटनी चटाई...
-- अब चाहे जो कुछ भी करना, मगर अपने बाल मत नोंचना.


9. जो हंसेगा वो फंसेगा, जो फंसेगा वो हंसेगा...
-- आपको ये आसान लग रहा है. जरा इसे 10 बार से ज़्यादा बार बोल कर दिखाइए.


10. खड़क सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियां, खिड़कियों के खड़कने से खड़कता है खड़क सिंह...
-- मेरे तो पूरे बदन में खड़कन हो रही है.


11. मर हम भी गए, मरहम के लिए, मरहम न मिला. हम दम से गए, हमदम के लिए, हमदम न मिला...
-- बोलो-बोलो मुंह मत चुराओ.


12. तोला राम ताला तोल के तेल में तल गया, तला हुआ तोला तेल के तले हुए तेल में तला गया...
-- ऐसे देख का रहे होे?


13. डाली डाली पे नज़र डाली, किसी ने अच्छी डाली, किसी ने बुरी डाली, जिस डाली पर मैने नज़र डाली वो डाली किसी ने तोड़ डाली...
-- बोलो बोलो....

. 😄😄😄

Saturday, July 7, 2018

फ्री था

पति(फ़ोन पर पत्नी से):-तुम बहुत प्यारी हो।
पत्नी:-थैंक्स।
पति:-तुम बिल्कुल राजकुमारी जैसी हो।
पत्नी:-थैंक यू सो मच डियर.....और बताओ...क्या कर रहे हो?
पति:- फ्री था,सोचा मज़ाक़ ही कर लूं.......

चुनाव प्रचार

पत्नी:-शादी के पहले आप मुझे कहां-कहां घुमाते थे !
होटल, सिनेमा, आस-पास के नज़ारे और न जाने क्या-क्या!

और जब शादी हुई तो घर से बाहर भी लेकर नहीं जाते......

पति:- तुमने कभी, चुनाव के बाद प्रचार होते देखा है ?

Oily skin

पत्नी(बड़े प्यार से):-सुनिए जी, मेरी स्कीन बहुत आॅयली आॅयली-सी हो गई है, बताइए न,मैं क्या लगाऊं?
पति:-ये लो विम बार,पूरी चिकनाई मिटा देगा।

दिमाग

कल एक पत्नी ने अपने पति को यह कहकर चुप करा दिया..... "ज़्यादा होशियार मत बनो,
जितना‌ दिमाग़ तुम्हारे पास है न,
उतना तो मेरा हमेशा ख़राब रहता है।