Monday, January 16, 2017

Difference between welding and wedding

An Engineer was asked: " What is the Technical Difference between Welding and Wedding ...."

He replied:
" Not much; both are joints, in a way......."
In Welding there are sparks first and bonding forever;
whereas in Wedding there is bonding first and sparks forever

Thursday, January 5, 2017

कटोरी लेके

पप्पू 👦:
मेरे बाप के आगे बडे बडे लोग
कटोरी लेके खडे होते है…!

लड़की 👩:
अच्छा!!? कौन है तुम्हारा बाप ?
.
.
.
.
पप्पू👦:
👴 पानी पूरी वाला… 🍯

😁😁😝😝😝😆😆

Saturday, December 24, 2016

Jai Patni Rani

https://youtu.be/AkxIgrNP8aI

Friday, December 23, 2016

नर पर नारी भारी

हास्य कविता  **

😀😀😀😀😀😀😀
अक्ल बाटने लगे विधाता,
             लंबी लगी कतारें ।
सभी आदमी खड़े हुए थे,
            कहीं नहीं थी नारी ।

सभी नारियाँ कहाँ रह गई.
          था ये अचरज भारी ।
पता चला ब्यूटी पार्लर में,
          पहुँच गई थी सारी।

मेकअप की थी गहन प्रक्रिया,
           एक एक पर भारी ।
बैठी थीं कुछ इंतजार में,
          कब आएगी बारी ।

उधर विधाता ने पुरूषों में,
         अक्ल बाँट दी सारी ।
ब्यूटी पार्लर से फुर्सत पाकर,
        जब पहुँची सब नारी ।

बोर्ड लगा था स्टॉक ख़त्म है,
        नहीं अक्ल अब बाकी ।
रोने लगी सभी महिलाएं ,
        नींद खुली ब्रह्मा की ।

पूछा कैसा शोर हो रहा है,
         ब्रह्मलोक के द्वारे ?
पता चला कि स्टॉक अक्ल का
          पुरुष ले गए सारे ।

ब्रह्मा जी ने कहा देवियों ,
          बहुत देर कर दी है ।
जितनी भी थी अक्ल वो मैंने,
          पुरुषों में भर दी है ।

लगी चीखने महिलाये ,
         ये कैसा न्याय तुम्हारा?
कुछ भी करो हमें तो चाहिए.
          आधा भाग हमारा ।

पुरुषो में शारीरिक बल है,
          हम ठहरी अबलाएं ।
अक्ल हमारे लिए जरुरी ,
         निज रक्षा कर पाएं ।

सोचकर दाढ़ी सहलाकर ,
         तब बोले ब्रह्मा जी ।
एक वरदान तुम्हे देता हूँ ,
         अब हो जाओ राजी ।

थोड़ी सी भी हँसी तुम्हारी ,
         रहे पुरुष पर भारी ।
कितना भी वह अक्लमंद हो,
         अक्ल जायेगी मारी ।

एक औरत ने तर्क दिया,
        मुश्किल बहुत होती है।
हंसने से ज्यादा महिलाये,
        जीवन भर रोती है ।

ब्रह्मा बोले यही कार्य तब,
        रोना भी कर देगा ।
औरत का रोना भी नर की,
        अक्ल हर लेगा ।

एक अधेड़ बोली बाबा ,
       हंसना रोना नहीं आता ।
झगड़े में है सिद्धहस्त हम,
       खूब झगड़ना भाता ।

ब्रह्मा बोले चलो मान ली,
       यह भी बात तुम्हारी ।
झगडे के आगे भी नर की,
       अक्ल जायेगी मारी ।

ब्रह्मा बोले सुनो ध्यान से,
       अंतिम वचन हमारा ।
तीन शस्त्र अब तुम्हे दिए.
       पूरा न्याय हमारा ।

इन अचूक शस्त्रों में भी,
       जो मानव नहीं फंसेगा ।निश्चित समझो,
       उसका घर नहीं बसेगा ।

कहे कवि मित्र ध्यान से,
       सुन लो बात हमारी ।
बिना अक्ल के भी होती है,
       नर पर नारी भारी।

�😇😜😃😂

Thursday, December 22, 2016

नर पर नारी भारी

हास्य कविता  **

😀😀😀😀😀😀😀
अक्ल बाटने लगे विधाता,
             लंबी लगी कतारें ।
सभी आदमी खड़े हुए थे,
            कहीं नहीं थी नारी ।

सभी नारियाँ कहाँ रह गई.
          था ये अचरज भारी ।
पता चला ब्यूटी पार्लर में,
          पहुँच गई थी सारी।

मेकअप की थी गहन प्रक्रिया,
           एक एक पर भारी ।
बैठी थीं कुछ इंतजार में,
          कब आएगी बारी ।

उधर विधाता ने पुरूषों में,
         अक्ल बाँट दी सारी ।
ब्यूटी पार्लर से फुर्सत पाकर,
        जब पहुँची सब नारी ।

बोर्ड लगा था स्टॉक ख़त्म है,
        नहीं अक्ल अब बाकी ।
रोने लगी सभी महिलाएं ,
        नींद खुली ब्रह्मा की ।

पूछा कैसा शोर हो रहा है,
         ब्रह्मलोक के द्वारे ?
पता चला कि स्टॉक अक्ल का
          पुरुष ले गए सारे ।

ब्रह्मा जी ने कहा देवियों ,
          बहुत देर कर दी है ।
जितनी भी थी अक्ल वो मैंने,
          पुरुषों में भर दी है ।

लगी चीखने महिलाये ,
         ये कैसा न्याय तुम्हारा?
कुछ भी करो हमें तो चाहिए.
          आधा भाग हमारा ।

पुरुषो में शारीरिक बल है,
          हम ठहरी अबलाएं ।
अक्ल हमारे लिए जरुरी ,
         निज रक्षा कर पाएं ।

सोचकर दाढ़ी सहलाकर ,
         तब बोले ब्रह्मा जी ।
एक वरदान तुम्हे देता हूँ ,
         अब हो जाओ राजी ।

थोड़ी सी भी हँसी तुम्हारी ,
         रहे पुरुष पर भारी ।
कितना भी वह अक्लमंद हो,
         अक्ल जायेगी मारी ।

एक औरत ने तर्क दिया,
        मुश्किल बहुत होती है।
हंसने से ज्यादा महिलाये,
        जीवन भर रोती है ।

ब्रह्मा बोले यही कार्य तब,
        रोना भी कर देगा ।
औरत का रोना भी नर की,
        अक्ल हर लेगा ।

एक अधेड़ बोली बाबा ,
       हंसना रोना नहीं आता ।
झगड़े में है सिद्धहस्त हम,
       खूब झगड़ना भाता ।

ब्रह्मा बोले चलो मान ली,
       यह भी बात तुम्हारी ।
झगडे के आगे भी नर की,
       अक्ल जायेगी मारी ।

ब्रह्मा बोले सुनो ध्यान से,
       अंतिम वचन हमारा ।
तीन शस्त्र अब तुम्हे दिए.
       पूरा न्याय हमारा ।

इन अचूक शस्त्रों में भी,
       जो मानव नहीं फंसेगा ।निश्चित समझो,
       उसका घर नहीं बसेगा ।

कहे कवि मित्र ध्यान से,
       सुन लो बात हमारी ।
बिना अक्ल के भी होती है,
       नर पर नारी भारी।

�😇😜😃😂

नर पर नारी भारी

हास्य कविता  **

😀😀😀😀😀😀😀
अक्ल बाटने लगे विधाता,
             लंबी लगी कतारें ।
सभी आदमी खड़े हुए थे,
            कहीं नहीं थी नारी ।

सभी नारियाँ कहाँ रह गई.
          था ये अचरज भारी ।
पता चला ब्यूटी पार्लर में,
          पहुँच गई थी सारी।

मेकअप की थी गहन प्रक्रिया,
           एक एक पर भारी ।
बैठी थीं कुछ इंतजार में,
          कब आएगी बारी ।

उधर विधाता ने पुरूषों में,
         अक्ल बाँट दी सारी ।
ब्यूटी पार्लर से फुर्सत पाकर,
        जब पहुँची सब नारी ।

बोर्ड लगा था स्टॉक ख़त्म है,
        नहीं अक्ल अब बाकी ।
रोने लगी सभी महिलाएं ,
        नींद खुली ब्रह्मा की ।

पूछा कैसा शोर हो रहा है,
         ब्रह्मलोक के द्वारे ?
पता चला कि स्टॉक अक्ल का
          पुरुष ले गए सारे ।

ब्रह्मा जी ने कहा देवियों ,
          बहुत देर कर दी है ।
जितनी भी थी अक्ल वो मैंने,
          पुरुषों में भर दी है ।

लगी चीखने महिलाये ,
         ये कैसा न्याय तुम्हारा?
कुछ भी करो हमें तो चाहिए.
          आधा भाग हमारा ।

पुरुषो में शारीरिक बल है,
          हम ठहरी अबलाएं ।
अक्ल हमारे लिए जरुरी ,
         निज रक्षा कर पाएं ।

सोचकर दाढ़ी सहलाकर ,
         तब बोले ब्रह्मा जी ।
एक वरदान तुम्हे देता हूँ ,
         अब हो जाओ राजी ।

थोड़ी सी भी हँसी तुम्हारी ,
         रहे पुरुष पर भारी ।
कितना भी वह अक्लमंद हो,
         अक्ल जायेगी मारी ।

एक औरत ने तर्क दिया,
        मुश्किल बहुत होती है।
हंसने से ज्यादा महिलाये,
        जीवन भर रोती है ।

ब्रह्मा बोले यही कार्य तब,
        रोना भी कर देगा ।
औरत का रोना भी नर की,
        अक्ल हर लेगा ।

एक अधेड़ बोली बाबा ,
       हंसना रोना नहीं आता ।
झगड़े में है सिद्धहस्त हम,
       खूब झगड़ना भाता ।

ब्रह्मा बोले चलो मान ली,
       यह भी बात तुम्हारी ।
झगडे के आगे भी नर की,
       अक्ल जायेगी मारी ।

ब्रह्मा बोले सुनो ध्यान से,
       अंतिम वचन हमारा ।
तीन शस्त्र अब तुम्हे दिए.
       पूरा न्याय हमारा ।

इन अचूक शस्त्रों में भी,
       जो मानव नहीं फंसेगा ।निश्चित समझो,
       उसका घर नहीं बसेगा ।

कहे कवि मित्र ध्यान से,
       सुन लो बात हमारी ।
बिना अक्ल के भी होती है,
       नर पर नारी भारी।

�😇😜😃😂

Tuesday, December 20, 2016

मास्टरजी एक सवाल पूछें

शरारती बच्चा :मास्टरजी  एक सवाल पूछें

मास्टर जी      :हाँ हाँ पूछो ।
बच्चा          : हाथी को फ्रीज में कैसे रखेंगे ?

मास्टरजी  : बेवकूफ ,हाथी फ्रीज में नहीं जा
                  सकता है ।
बच्चा       : मास्टरजी फ्रीज बहुत बड़ा है ,
                पहले फ्रीज खोलेंगे और हाथी को
                अंदर डाल देंगे 😆😆
बच्चा   :       एक सवाल और पूछूँ ।
मास्टरजी :   हाँ हाँ पूछो ?
बच्चा        : गदहे को फ्रीज में कैसे रखेंगे ?

मास्टरजी : पहले फ्रीज खोलेंगे और गदहे को
                  उस में रख देंगे ।
बच्चा      :गलत जवाब,पहले हाथी को बाहर
            करेंगे फिर गदहे को फ्रीजमें रखेंगे😆
बच्चा  :        एक सवाल और पूछूँ?
मास्टरजी :    हाँ हाँ पूछो ।
बच्चा    : बंदर के जन्मदिन की पार्टी में सभी
            जानवर एवं जीव-जन्तु आए परन्तु
            एक जानवर नहीं आया । उसका
             नाम बतलायें ?
मास्टरजी : शेर नहीं आया होगा क्योंकि वह
                आता तो सभी को खा जाता !
बच्चा : फिर गलत जवाब,गदहा पार्टी में नहीं
          आया क्योंकि गदहे को तो हमने फ्रीज
           में बंद कर दिया  था 😆 😆 😆
बच्चा :  एक सवाल और पूछूँ ?
मास्टरजी :(गुस्से से ) पूछ

बच्चा :    रास्ते में एक नदी है जिसमें एक
             खतरनाक मगरमच्छ रहता है एवं
            उस नदी के ऊपर आने-जाने के लिए
           पुल भी नहीं है,आप नदी कैसे पार
            करोगे ?
मास्टरजी : मैं नाव लेकर नदी पार करूंगा !

बच्चा :        फिर गलत जवाब ।
मास्टर :      ---बोल  कैसे ?
बच्चा  : मास्टरजी इतनी जल्दी नाव कहाँ से
              आपको मिलेगी ,तबतक तो आप
             नदी तैरकर भी पार कर लोगे ।
मास्टर :मगरमच्छ से तेरा बाप बचाएगा ?
बच्चा :मास्टरजी !आप इतना डरते क्यों हो
          ? आपको तो पता है कि;सभी जीव -
           जानवर बंदर की Birthday पार्टी में
         गया हुआ है तो मगरमच्छ नदी में कैसे 
         आ जाएगा      😀😀😀😀 
😭😭मास्टरजी बेहोश हो गए 😭😭😭
हंसना बाद में पहले फारवर्ड करो